पटना। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी माहौल और भी गरमाता जा रहा है।
मंगलवार को पटना में ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ जारी करते हुए महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एनडीए पर जमकर निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन ने न केवल अपना सीएम चेहरा घोषित कर दिया है, बल्कि अगले पाँच सालों के लिए बिहार के विकास का पूरा रोडमैप भी जनता के सामने रख दिया है।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा — “एनडीए बताए, उनका मुख्यमंत्री कौन है? हमने चेहरा भी दिखाया, विज़न भी बताया, और योजना भी रखी।
लेकिन उनके पास न चेहरा है, न योजना, न विज़न।
वे बस आरोप-प्रत्यारोप और नकारात्मक राजनीति में उलझे हैं।”
तेजस्वी ने आगे कहा कि इस बार का ‘प्रण पत्र’ सिर्फ वादों का कागज़ नहीं, बल्कि बिहार को बदलने का खाका है।
उन्होंने कहा — “हमने युवाओं के रोजगार, शिक्षा में सुधार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और किसानों के हित में ठोस नीतियों की रूपरेखा बनाई है।
हमारा लक्ष्य साफ है — बिहार को देश का नंबर वन राज्य बनाना।
हम जनता को एक ऐसा विकल्प देना चाहते हैं जो भरोसेमंद हो, पारदर्शी हो और विकास पर केंद्रित हो।”
तेजस्वी ने एनडीए पर पलटवार करते हुए कहा —
“हम बात करते हैं रोजगार की, वे बात करते हैं झूठ और डर की।
हम बात करते हैं विकास की, वे फैलाते हैं भ्रम और नफरत।
यही फर्क है महागठबंधन और एनडीए की राजनीति में।”
तेजस्वी यादव के ‘प्रण पत्र’ लॉन्च के बाद बिहार की सियासत और तेज हो गई है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि एनडीए कब अपना मुख्यमंत्री चेहरा और घोषणापत्र जारी करेगा।
बिहार की इस चुनावी जंग में अब मुकाबला सिर्फ नेताओं का नहीं,
बल्कि विज़न बनाम वादों का होता नज़र आ रहा है।

