बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से तेजस्वी यादव पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। मीडिया से दूरी, सार्वजनिक बयानबाज़ी से परहेज़ और अब अचानक दिल्ली रवाना होने से बिहार की सियासत में नई हलचल तेज हो गई है। गुरुवार 27 नवंबर को नेता प्रतिपक्ष बिना किसी पूर्व संकेत के पटना एयरपोर्ट पहुंचे और सीधे दिल्ली की फ्लाइट पकड़ ली। मीडिया ने समीक्षा बैठक और पार्टी फैसलों पर सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन तेजस्वी बिना एक शब्द बोले आगे बढ़ गए।
तेजस्वी अचानक दिल्ली क्यों गए—इसको लेकर कई तरह की चर्चाएँ गर्म हैं। माना जा रहा है कि वे परिवार से मुलाकात या पार्टी के भविष्य से जुड़े किसी बड़े निर्णय पर चर्चा करने दिल्ली पहुँचे हैं। कुछ दिनों पहले उनकी पत्नी राजश्री, बेटी कात्यायनी और बेटा इराज भी दिल्ली के लिए रवाना हुए थे और फिलहाल वहीं हैं, जबकि तेजस्वी खुद राबड़ी आवास में रह रहे थे, जिसे हाल ही में खाली करने का नोटिस मिला है।
चुनावी हार के बाद लालू परिवार में उठी कलह ने इस कहानी को और पेचीदा बना दिया है। रोहिणी आचार्य ने खुले मंच पर परिवार पर गंभीर आरोप लगाए, यहाँ तक कहा कि राबड़ी आवास में उनके ऊपर चप्पल तक तानी गई। आरोपों के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने तक की बात कही। वहीं पूरे विवाद पर तेजस्वी ने अब तक एक भी प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे उनकी चुप्पी और रहस्यमयी लगने लगी है।
इन सबके बीच तेजस्वी का अचानक दिल्ली जाना राजनीति, परिवार और पार्टी—तीनों मोर्चों पर नए संकेत देता दिख रहा है। बिहार की निगाहें अब दिल्ली से आने वाली हर ख़बर पर टिकी हुई हैं।

