दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन ने बाल विवाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका को बारात का पीछा कर रेस्क्यू किया है और इस मामले में केवल परिजनों ही नहीं बल्कि शादी में शामिल सेवा प्रदाताओं पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम खटोला में एक नाबालिग बालिका का विवाह करा दिया गया है और परिजन विदाई की तैयारी कर रहे हैं, सूचना मिलते ही कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद अरविंद उपाध्याय, जनपद दतिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनीत त्रिपाठी और थाना उनाव की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब तक विदाई हो चुकी थी।
प्रशासनिक टीम ने बिना देर किए विदाई के काफिले का पीछा किया और रास्ते में ही घेराबंदी कर लौटती बारात को रोक लिया, दस्तावेजों की जांच में बालिका नाबालिग पाई गई, जिसके बाद उसे तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव ले जाया गया।
कलेक्टर के निर्देश पर इस कार्रवाई में दायरा बढ़ाते हुए बाल विवाह में सहयोग करने वालों को भी दोषी माना गया है और विवाह में भोजन बनाने वाले हलवाई, पंडाल लगाने वाले टेंट संचालक और डीजे संचालक के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने जिले के सभी टेंट हाउस, हलवाई, डीजे संचालकों और पंडितों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी शादी की बुकिंग से पहले वर और वधू के आयु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से देखें, यदि किसी आयोजन में नाबालिग पाया गया तो सेवा देने वाले भी कानूनी कार्रवाई और जेल जाने से नहीं बचेंगे।

