कछुआ तस्करी में गिरफ्तार आरोपी जाएगा थाईलैंड, अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर मुरुगेशन का प्रत्यर्पण स्वीकृत, सागर कोर्ट से बरी होने के बाद STF ने फिर दबोचा

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में मध्यप्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर मन्नीवन्नन मुरुगेशन को प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर मध्यप्रदेश लाया था। जांच के दौरान सामने आया कि मुरुगेशन पर थाईलैंड में भी वन्यजीवों के अवैध व्यापार का गंभीर मामला दर्ज है। थाईलैंड सरकार के अनुरोध पर नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद 6 जनवरी 2026 को मुरुगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी है।

दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में मुरुगेशन का नाम दुनिया में तीसरे नंबर पर दर्ज है। सिंगापुर निवासी मुरुगेशन का अवैध नेटवर्क भारत, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैला हुआ है। वर्ष 2012 में उसे बैंकॉक एयरपोर्ट पर करीब 900 दुर्लभ कछुओं के साथ पकड़ा गया था, लेकिन वह उस समय कानूनी शिकंजे से बच निकला था। बाद में एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया था।

थाईलैंड सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने एक्सट्रडिशन एक्ट 1962 के तहत कार्रवाई शुरू की और मामला पटियाला हाउस कोर्ट में दर्ज कराया गया। इसके बाद अक्टूबर 2021 में मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स ने आरोपी को हाईकोर्ट नई दिल्ली में पेश किया और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

इससे पहले एसटीएफ ने मुरुगेशन को 30 जनवरी 2018 को चेन्नई से गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में पेश किया था, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में सत्र न्यायालय सागर ने उसे बरी कर दिया, लेकिन एसटीएफ ने तुरंत हाईकोर्ट जबलपुर में अपील दायर कर उसका पासपोर्ट इम्पाउंड करवा दिया। फिलहाल मामला हाईकोर्ट में लंबित है। प्रत्यर्पण की पुष्टि के बाद पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश पर आरोपी मुरुगेशन को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल, नई दिल्ली में रखा गया है और जल्द ही उसे थाईलैंड भेजा जाएगा।

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