भोपाल। जेपी अस्पताल में मरीज को फफूंद लगी दवा देने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है, कलेक्टर ने इस पूरे प्रकरण पर CMHO से चर्चा की, जिसके बाद CMHO ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं, इस घटना ने सरकारी दवाओं की सप्लाई और उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओपीडी में इलाज के दौरान सामने आई लापरवाही
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार शाम एक मरीज जेपी अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने पहुंचा था, पैर में फ्रैक्चर की आशंका को देखते हुए डॉक्टर ने एक्स-रे कराने के निर्देश दिए और दवा लिखी, मरीज ने अस्पताल की फार्मेसी से जो दवा ली उसमें साफ तौर पर फफूंद लगी हुई थी।
मरीज ने ईमेल से की शिकायत, खुला मामला
मरीज ने फफूंद लगी दवा देखकर इसकी शिकायत सीएमएचओ डॉक्टर मनीष शर्मा को ईमेल के जरिए की, बताया जा रहा है कि उस समय ओपीडी में सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और इंटर्न डॉक्टर ने परीक्षण कर दवा दी थी, जिसके बाद यह चूक सामने आई।
एक्सपायरी बाकी, फिर भी दवा में फफूंद
इस दवा की सप्लाई और गुणवत्ता की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश स्वास्थ्य लोक निगम लिमिटेड की बताई जा रही है, हैरानी की बात यह है कि दवा पर एक्सपायरी डेट जून 2027 दर्ज थी, इसके बावजूद उसमें फफूंद पाई गई।
मरीज ने जताई चिंता, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मरीज का कहना है कि अगर वह जल्दबाजी में दवा खा लेता तो उसकी तबीयत बिगड़ सकती थी, फिलहाल CMHO के जांच आदेश के बाद अब देखना होगा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

