शिप्रा तट पर उमड़ा आस्था का गुलाल, बड़ा उदासीन अखाड़े में मनी सिंहस्थ वाली होली

उज्जैन। मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के पावन तट पर स्थित श्री संत पंच परमेश्वर पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा में इस बार होली का पर्व एक अलौकिक उत्सव बन गया। पूरा माहौल ऐसा नजर आ रहा था मानो मिनी सिंहस्थ का आयोजन हो रहा हो। साधु-संत और उनके अनुयायी भक्ति और आस्था के रंगों में पूरी तरह सराबोर दिखाई दिए।

उत्सव की शुरुआत अखाड़े के संतों द्वारा किए गए दिव्य कीर्तन और भजनों से हुई। इसके बाद परंपराओं का पालन करते हुए हर्बल गुलाल और ताजे फूलों से होली खेली गई। चारों ओर रंग, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

इस खास मौके पर अनिल फिरोजिया भी संतों के बीच पहुंचे। उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया और खुद को रंगों में सराबोर कर लिया। साधु-संतों के साथ फिल्मी गीतों पर झूमते और ठुमके लगाते हुए सांसद का अंदाज भी चर्चा का विषय बना रहा।

देश के अलग-अलग प्रदेशों से आए संतों का जमावड़ा इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा। संतों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर, पारंपरिक ठंडाई पिलाकर और फूलों की वर्षा कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। अखाड़े के संतों का कहना है कि शिप्रा की गोद में बना यह दिव्य वातावरण कुंभ और सिंहस्थ की स्मृतियों को जीवंत कर रहा है।

सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि संतों के साथ अबीर-गुलाल और फूलों से होली खेलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने बाबा महाकाल की नगरी में प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यहां की होली का आनंद ही कुछ अलग है।

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