उज्जैन के महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की दिव्य रात: चार प्रहर पूजन, 3 क्विंटल फूलों का सेहरा और साल में एक बार होने वाली दोपहर की भस्म आरती

उज्जैन। महाशिवरात्रि की पावन रात में Mahakaleshwar Jyotirlinga मंदिर पूरी तरह शिवमय हो गया, जहां चार प्रहर का महापूजन और अभिषेक देर रात तक चलता रहा। रात करीब 10 बजकर 30 मिनट से शुरू हुए इस विशेष अनुष्ठान में 11 ब्राह्मणों ने एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान महाकाल का विधिवत अभिषेक किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर मंत्रों की गूंज से गूंज उठा और भक्तिभाव का अद्भुत माहौल बन गया।

महापूजन के दौरान भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल अर्पित किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल को नवीन वस्त्र धारण कराए गए और सप्तधान्य समर्पित किए गए। इस अवसर पर भगवान को 3 क्विंटल फूलों से सजे भव्य पुष्प मुकुट, यानी सेहरे से अलंकृत किया गया, जिसकी भव्यता ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आज दोपहर 12 बजे साल में केवल एक बार होने वाली विशेष भस्म आरती आयोजित की जाएगी, जो महाशिवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण मानी जाती है। इसके बाद भोग आरती होगी और शिव नवरात्रि का पारणा किया जाएगा। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और अब तक चार लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

रात 10 बजकर 30 मिनट पर शयन आरती और 11 बजे भगवान के पट मंगल होने की परंपरा निभाई जाएगी। महाशिवरात्रि के इस महापर्व पर उज्जैन शहर पूरी तरह श्रद्धा में डूबा नजर आ रहा है, होटल और लॉज पहले से ही फुल हो चुके हैं और देशभर से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आस्था, भक्ति और ऊर्जा का ऐसा संगम है, जो हर शिवभक्त के लिए जीवनभर की याद बन जाता है।

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