सिलेंडर की किल्लत पर डीएम का बयान चर्चा में, शादियों में रोटी-पराठे की जगह अन्य व्यंजन बनाने की सलाह

बड़वानी। Madhya Pradesh में यह दावा किया जा रहा है कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लगी लंबी कतारें कुछ और ही तस्वीर दिखा रही हैं। कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी बीच Barwani की जिला कलेक्टर Jayati Singh का एक बयान सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।

कलेक्टर जयति सिंह ने कहा कि शादियों और बड़े कार्यक्रमों में लोग गैस के बजाय इंडक्शन चूल्हा या डीजल भट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे व्यंजन बनाए जाएं जिनमें कम ईंधन खर्च हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रोटी और पराठे की जगह अन्य प्रकार के व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य है। लेकिन उनके इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि जब गैस सिलेंडर की कोई दिक्कत नहीं है तो फिर इंडक्शन चूल्हे या डीजल भट्टी के इस्तेमाल की सलाह क्यों दी जा रही है। शादियों में रोटी और पराठे की जगह दूसरे व्यंजन बनाने की बात क्यों कही गई।

कलेक्टर के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर इंटरनेट उपयोगकर्ता तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और कई लोग उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जयति सिंह वर्ष 2016 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और वर्तमान में बड़वानी जिले की कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं। इससे पहले वह Ujjain जिला पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर कार्य कर चुकी हैं। साथ ही बड़वानी जिले के Pansemal और Sendhwa में अनुविभागीय अधिकारी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।

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