भोपाल। दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मध्यप्रदेश से जुड़े स्लीपर सेल का मुद्दा जोर-शोर से उठा, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सामने रखा था, वहीं इस पूरे मामले पर अब प्रदेश के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है।
पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस से बड़े-बड़े नेता छोड़कर बीजेपी में चले गए, जिनके पास पहले संगठन की ताकत और पावर रही है, उनसे जुड़े कुछ संदिग्ध लोग आज भी कांग्रेस के भीतर सक्रिय हैं। ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है और उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारियां नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि आने वाले चुनावों में यही लोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि CWC में जो मामला उठा है, उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
भावांतर योजना की राशि को लेकर पीसी शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पर पांच लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ओवरड्राफ्ट है, इधर-उधर से आने वाला पैसा योजनाओं में डाल दिया जाता है, लेकिन कर्मचारियों को उनका हक का पैसा तक नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस में मुकेश नायक के इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीति में गुटबाजी होती है, कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है और छोटी-मोटी बातें चलती रहती हैं।
आगे पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश में जितने वोटों से कांग्रेस हारी, उससे ज्यादा वोट कट गए, इससे साफ है कि हालात अलग होते तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती। ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर उन्होंने बताया कि मंडल, ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा रहा है, ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और इसमें स्थानीय नेताओं व जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर में साफ हुआ है कि बूथ स्तर पर काम कितना अहम है, कांग्रेस हर स्तर पर तैयारी कर रही है और एसआईआर के बाद कांग्रेस चुनाव आयोग जाने की तैयारी में है, जहां चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

