ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल समूह के न्यूरोलॉजी विभाग में एक बेहद दुर्लभ और गंभीर बीमारी न्यूरो-बेहसेट का पहला मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश के मेडिकल जगत में भी हलचल मचा दी है। 26 वर्षीय युवक कुछ दिनों पहले तेज सिरदर्द, चलने में लड़खड़ाहट, शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी और मुंह व जननांगों में बार-बार छाले जैसी गंभीर शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंचा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसकी गहन जांच शुरू की।
न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. दिनेश उदेनिया की निगरानी में मरीज का एमआरआई और विशेष ब्लड टेस्ट एचएलए-बी51 व बी5 कराए गए, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद न्यूरो-बेहसेट बीमारी की पुष्टि हुई। समय पर सही डायग्नोसिस होने और लगातार इलाज व मॉनिटरिंग के चलते मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ और अब उसे स्वस्थ हालत में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, हालांकि डॉक्टरों ने नियमित फॉलोअप और सावधानियों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।
डॉक्टरों के अनुसार न्यूरो-बेहसेट एक ऑटोइम्यून और न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो विदेशों में युवाओं में ज्यादा देखी जाती है, खासकर जापान, चीन, कोरिया, तुर्की, ईरान और इराक जैसे देशों में इसके सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। मध्य प्रदेश में इस तरह का यह पहला रिपोर्टेड केस माना जा रहा है, जिससे यह साफ हो गया है कि दुर्लभ बीमारियां अब सीमित क्षेत्रों तक नहीं रहीं और समय पर पहचान व विशेषज्ञ इलाज से गंभीर से गंभीर मरीज को भी नई जिंदगी दी जा सकती है।

