पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद पटना का राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका है और मुख्यमंत्री आवास पर लगातार नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है। सुबह सबसे पहले विजय कुमार चौधरी पहुंचे, उसके बाद चिराग पासवान समेत कई नेता एक-एक कर CM हाउस में पहुंचे। इसी दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी जीत की सूची लेकर पहुंचे और उनके साथ फुलवारी के नवनिर्वाचित विधायक श्याम रजक भी मौजूद रहे।
मुलाकात के बाद श्याम रजक ने मीडिया से साफ-साफ कहा कि बिहार में नेतृत्व का सिर्फ एक ही भरोसेमंद चेहरा है—नीतीश कुमार। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ एनडीए को भारी बहुमत दिया है, वह नीतीश कुमार के काम और उनकी छवि की वजह से है। जब उनसे पूछा गया कि शपथ ग्रहण कब होगा, तो उन्होंने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही लेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री चेहरा हैं और उनके अलावा किसी और विकल्प पर सोचना भी बेकार है।
इस बीच CM हाउस पर नेताओं का आना लगातार जारी रहा, जिसमें चिराग पासवान, विजय चौधरी, सुनील कुमार, मनीष वर्मा, अरुण मांझी, इंजीनियर शैलेन्द्र, उमेश कुशवाहा, ललन सिंह और नितिन नवीन जैसे कई बड़े नाम शामिल थे। हलचल के बीच जब महाराष्ट्र मॉडल की चर्चा हुई तो श्याम रजक ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ऐसी बातों की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना जेडीयू के सरकार बनाने की बातें सिर्फ सपने हैं, जिनकी कोई वास्तविकता नहीं है।
श्यम रजक के बयान और CM हाउस में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े फैसले सामने आएँगे और सबसे अहम फैसला होगा—किस दिन नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

