भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुशासन को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। 26 फरवरी को राजधानी भोपाल स्थित वल्लभ भवन सहित अन्य शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने दो टूक कहा है कि अब सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक उपस्थिति की मॉनिटरिंग की जाएगी। आने-जाने के समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की भी समीक्षा होगी।
इन निर्देशों के तहत वल्लभ भवन के साथ-साथ विंध्याचल भवन, सतपुड़ा भवन और अन्य सरकारी कार्यालयों पर भी नजर रखी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष टीमें गठित कर दी हैं, जो अलग-अलग दफ्तरों में तैनात रहकर औचक निरीक्षण करेंगी। उद्देश्य साफ है—सरकारी कामों में देरी खत्म करना और जनता से जुड़े मामलों में तत्परता लाना।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर दफ्तर पहुंचना और समयबद्ध तरीके से काम करना अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।
सरकार का कहना है कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की पहचान है। इसलिए सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझें और पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, क्योंकि अब देरी पर सीधे कार्रवाई तय मानी जा रही है।

