चकिया क्षेत्र के सिंहर और बिसनपुरवा गांवों के ग्रामीण बिजली विभाग की लापरवाही से बेहद परेशान हैं, विभागीय अधिकारियों की अनदेखी और मनमाने रवैये के चलते ग्रामीणों को बार-बार विद्युत उपकेंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन महीनों से उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पा रहा, इससे गांवों में भारी नाराजगी और आक्रोश का माहौल है।
सिंहर गांव के लक्ष्मण चौरसिया ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर बिना किसी सूचना के दो बिजली कनेक्शन जारी कर दिए गए, मीटर लगाने के नाम पर उनसे आधार कार्ड लिया गया और 50 रुपये भी वसूले गए, लेकिन इसके बाद चकिया और शहाबगंज दोनों विद्युत उपकेंद्रों से उनके नाम पर अलग-अलग बिजली बिल आने लगे, जबकि उन्होंने शहाबगंज से कभी बिजली नहीं ली, इसके बावजूद विभाग उन पर वहीं का बिल जमा करने का दबाव बना रहा है।
गांव की मीरा देवी ने बताया कि उनके बेटे की किडनी खराब है और इलाज के कारण वे पहले से ही आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रही हैं, ऊपर से बिजली विभाग ने उनके नाम पर भी डबल कनेक्शन जारी कर दिया, जिससे उन्हें लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, कलावती देवी, रीता देवी समेत कई अन्य ग्रामीणों ने भी विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह मनमाना बताते हुए नाराजगी जताई है।
मामले पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दशरथ चंद्र सोनकर ने बताया कि वर्ष 2018 में सौभाग्य योजना के तहत सिंहर और बिसनपुरवा गांवों में बिजली कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन कई घरों में आज तक मीटर नहीं लगाए गए हैं, अब बिना मीटर के ही मनमाने ढंग से बिल भेजे जा रहे हैं और कुछ ग्रामीणों के नाम पर डबल कनेक्शन भी दर्ज कर दिए गए हैं, जब ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन तक नहीं उठा, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है, ग्रामीणों ने जल्द जांच कर गलत कनेक्शन और मनमाने बिलों से राहत देने की मांग की है, वरना आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

