ये समझौता नहीं, समर्पण है… अमेरिका के टैरिफ घटाने पर अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, क्यों उठाया 0 या 18 का सवाल

लखनऊ. अमेरिका के टैरिफ घटाने को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है और इस फैसले को डील नहीं बल्कि ढील करार दिया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की उल्टी गणित से जनता फिर सवाल कर रही है कि आखिर जीरो बड़ा है या अठारह प्रतिशत, क्योंकि जिस समझौते से देश की 70 फीसदी कृषि आधारित आबादी को नुकसान हो, वह कभी भी जनता के हित में नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि कृषि और डेयरी को बचाने के जो दावे सदन में किए जा रहे हैं, उनका संज्ञान भविष्य में लिया जाएगा और अगर ये झूठ साबित हुए तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब समझौते की शर्तें अभी तय भी नहीं हुई हैं और हस्ताक्षर भी नहीं हुए हैं, तो पहले से इसे उपलब्धि बताने की जल्दबाजी क्यों की जा रही है।

उन्होंने कहा कि हर ट्रेड डील को लाभ और हानि की तराजू पर तौला जाना चाहिए और असली सवाल यह है कि इस समझौते से फायदा किसे हो रहा है और नुकसान किसे उठाना पड़ेगा, इसलिए भाजपा को नुकसान का जश्न नहीं मनाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने इस फैसले को आपदा बताते हुए कहा कि भाजपा इसे अवसर मानकर कमीशनखोरी के रास्ते तलाश रही है।

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि यह समझौता नहीं बल्कि समर्पण है और लोगों को ऐसा लग रहा है जैसे भारत से 500 अरब डॉलर की रंगदारी वसूली जा रही हो।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग इस ट्रेड डील को मील का पत्थर बता रहे हैं, दरअसल उनकी समझ पर पत्थर पड़ गए हैं और जो इसे कूटनीति की जीत बता रहे हैं, वे भी जानते हैं कि अमेरिका अपनी नीति को अपने मुनाफे के हिसाब से ढाल रहा है।

उन्होंने कहा कि जो इसे भाजपा सरकार के दबदबे की जीत बता रहे हैं, वे असल में दबाव में हैं, उनकी जुबान भी दबी है और गर्दन भी झुकी हुई है।

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