मैहर। स्कूलों के नाम पर हुए 4 करोड़ 37 लाख रुपये के लघु निर्माण घोटाले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। रामनगर विकासखंड में भवन मरम्मत, पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड निर्माण के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर किए गए भुगतान का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के बाद तीन प्राचार्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, रीवा संभाग द्वारा संकर्षण प्रसाद पाण्डेय, रवीन्द्र सिंह और किरण पटेल को सस्पेंड किया गया है। आरोप है कि इन प्राचार्यों ने अलग-अलग स्कूलों में 23 से 25 लाख रुपये तक के फर्जी भुगतान निजी फर्मों को कर दिए। तीनों निलंबित प्राचार्यों को बीईओ कार्यालय अमरपाटन से अटैच कर दिया गया है।
इस घोटाले में इससे पहले भी बीईओ, चार प्राचार्य और एक चपरासी पर कार्रवाई हो चुकी है। जांच एजेंसियां लगातार दस्तावेज खंगाल रही हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। जिन फर्मों के नाम पर भुगतान किया गया, उनमें वाणी इंफ्राक्चर भोपाल और श्री रुद्र इंटरप्राइजेज का नाम सामने आया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और जिम्मेदार लोगों पर और कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

