भोपाल। मध्यप्रदेश में थर्ड जेंडर समुदाय के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल की गई है। अब समाज में उपेक्षा और तिरस्कार झेलने वाले किन्नर भी मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर बन सकेंगे। गृह विभाग ने पुलिस भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया है, जिसकी अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है।
नए नियमों के तहत महिला किन्नर और पुरुष किन्नर के आधार पर चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया तय की जाएगी। मेडिकल सर्टिफिकेशन के आधार पर ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को महिला या पुरुष वर्ग में से किसी एक श्रेणी में शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल किया जाएगा।
संशोधित नियमों के अनुसार ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी कैटेगरी में माना जाएगा। इस फैसले को थर्ड जेंडर समुदाय के लिए समानता, सम्मान और रोजगार के नए अवसर की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

