उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार तकनीक को हथियार बनाकर कानून व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावी बना रही है। सुशासन को डिजिटल और एआई-आधारित सिस्टम से जोड़ने की यह पहल अपराध नियंत्रण से लेकर न्याय प्रक्रिया तक हर स्तर पर तेजी और पारदर्शिता बढ़ा रही है। गोरखपुर में उन्नत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा था—अब प्रदेश में अपराधी के बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी, क्योंकि फॉरेंसिक जांच मिनटों में अपराध की कड़ी खोल देगी और वैज्ञानिक साक्ष्य निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
राज्य पुलिस को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने त्रिनेत्र 2.0 के रूप में एक उन्नत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। यह एआई-एन्हांस्ड प्लेटफॉर्म पुलिस रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित करता है, जिससे अपराधियों की पहचान और इतिहास खंगालना बेहद तेज और सटीक हो जाता है। फेशियल रिकग्निशन, वॉयस आइडेंटिफिकेशन और टेक्स्ट-बेस्ड क्वेरी जैसी तकनीकें संदिग्धों की पहचान को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना रही हैं। जुलाई 2023 से शुरू हुए ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत प्रदेश भर के चौराहों, स्कूलों, कॉलेजों, धार्मिक स्थलों, पेट्रोल पंपों, ढाबों और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीसीटीवी लगाए गए। 2025 की शुरुआत तक 11 लाख से ज्यादा कैमरे इंस्टॉल हो चुके हैं और इसी तकनीकी नेटवर्क की मदद से अब तक 5,718 गंभीर घटनाओं का सफल खुलासा हो चुका है।
जेल प्रशासन भी हाई-टेक हो चुका है। एआई पावर्ड वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम अब कैदियों की गतिविधियों पर रियल-टाइम नज़र रखता है, जिससे किसी भी संदिग्ध हरकत या खतरे का तुरंत पता चल जाता है। वरिष्ठ अधिकारी दूर बैठे-बैठे सभी जेलों की स्थिति लाइव मॉनिटर कर सकते हैं और तत्काल निर्देश जारी कर सकते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत हुई है।
गोरखपुर की अपग्रेडेड फॉरेंसिक साइंस लैब ने वैज्ञानिक जांच क्षमता को नई ऊंचाई दी है। आधुनिक मशीनें, विशेषज्ञ टीम और डिजिटल तकनीकें अब जांच एजेंसियों को हर केस में सटीक और वैज्ञानिक प्रमाण जुटाने में मदद कर रही हैं। सरकार का मानना है कि बिना आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक के अपराध की जड़ तक पहुँचना संभव नहीं, इसलिए पूरे प्रदेश में वैज्ञानिक जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
इन सभी कदमों का लक्ष्य है — एक ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना, जहाँ शासन पारदर्शी हो, कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो, और पूरी प्रणाली तकनीक से संचालित होकर लोगों को सुरक्षित माहौल दे सके। योगी सरकार की यह रणनीति यूपी को देश के सबसे सुरक्षित और टेक-ड्रिवन राज्यों में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

