टीवी की नानी-दादी-बुआ-सास बोलीं अपरा मेहता, जिस दिन एक्टिंग में मज़ा खत्म हुआ उसी दिन रिटायर हो जाऊंगी

भारतीय टेलीविजन और थिएटर की दिग्गज अभिनेत्री अपरा मेहता ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें किसी पहचान की जरूरत नहीं है। करीब 50 साल के लंबे अभिनय करियर में उन्होंने नानी, दादी, बुआ, सास जैसे अनगिनत किरदारों को इस तरह जिया कि वे हर घर का हिस्सा बन गईं। कॉमेडी हो या गंभीर भूमिका, अपरा मेहता ने हर बार अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। उनका साफ कहना है कि एक्टिंग उनके लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि जुनून और आनंद है, और जिस दिन इसमें खुशी नहीं रहेगी, उसी दिन वह अभिनय से संन्यास ले लेंगी।

अपने उत्साह के बारे में बात करते हुए अपरा मेहता कहती हैं कि इतने सालों के बाद भी उनकी ऊर्जा इसलिए बनी हुई है क्योंकि हर नया किरदार उन्हें कुछ नया सिखाता है। उनके लिए अभिनय बोझ नहीं बल्कि खुशी है, और यही वजह है कि आज भी वह पूरे जोश के साथ काम कर रही हैं।

अपने नए शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में राजश्री बुआ के किरदार को लेकर अपरा मेहता बताती हैं कि यह रोल उनसे काफी अलग है। राजश्री बुआ पारंपरिक सोच वाली महिला है, जिसकी दुनिया परिवार और घर तक सीमित रहती है, जबकि असल जिंदगी में अपरा खुद को मॉडर्न, हैप्पी-गो-लकी और मजाकिया मानती हैं। राजस्थानी बोली और अंदाज सीखना उनके लिए एक चुनौती जरूर था, लेकिन यह अनुभव उन्हें बेहद मजेदार लगा। उनका कहना है कि उन्होंने अब तक पॉजिटिव, नेगेटिव, ग्रे और कॉमेडी हर तरह के रोल किए हैं, लेकिन वक्त के साथ उनका चेहरा और व्यक्तित्व सॉफ्ट होता गया, इसलिए अब उन्हें ज्यादा मजबूत और पॉजिटिव किरदार मिलने लगे हैं।

15 साल की उम्र में अभिनय की शुरुआत करने वाले इस सफर को याद करते हुए अपरा मेहता कहती हैं कि भगवान का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा है। उन्होंने थिएटर, टीवी और फिल्मों को बदलते हुए देखा है। टीवी ने उन्हें असली पहचान दी और ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने उन्हें दुनियाभर में मशहूर कर दिया। वह टीवी के साथ-साथ खुद भी ग्रो करती गईं और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। कॉमेडी उनका सबसे पसंदीदा जॉनर रहा है। ‘तीस मार खान’, ‘देवदास’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी फिल्मों में उनके रोल आज भी याद किए जाते हैं। अपरा मेहता बताती हैं कि जब वह 2008 में ‘कॉमेडी सर्कस’ का सीजन-2 कर रही थीं, तब फराह खान गेस्ट जज बनकर आईं और वहीं से ‘तीस मार खान’ में अक्षय कुमार की मां का किरदार उन्हें मिला, जो आज भी उनके करियर के सबसे यादगार रोल्स में शामिल है।

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