भोपाल। उज्जैन में 2028 में होने वाले महाकुंभ सिंहस्थ की तैयारियों को रफ्तार देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब उज्जैन नगर निगम आयुक्त, महापौर और एमआईसी के वित्तीय अधिकार दोगुने कर दिए गए हैं। बढ़ी हुई ये शक्तियां 30 मई 2028 तक लागू रहेंगी, ताकि सिंहस्थ से जुड़े सभी काम तेज़ी और बिना बाधा के पूरे किए जा सकें।
सरकार के इस निर्णय के तहत शहरी निकायों से जुड़े सिंहस्थ संबंधी सभी वित्तीय अधिकार मेयर-इन-काउंसिल और प्रेजिडेंट-इन-काउंसिल को सौंप दिए गए हैं। अब उज्जैन के महापौर 10 से 20 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वीकृति दे पाएंगे। इसके साथ ही नियमों की जांच, टैक्स वसूली, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य निरीक्षण कार्यों के लिए बिना नोटिस किसी भी भवन या परिसर में जाकर निरीक्षण करने का अधिकार भी मिलेगा।
सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन को देखते हुए सरकार की इस कार्रवाई को तैयारियों में गति लाने के लिए बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

