टीकमगढ़। मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर शादियों में होने वाली बेहिसाब फिजूलखर्ची पर खुलकर बात की है। अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि आजकल शादियां मैरिज गार्डन और लग्जरी वेन्यू में होने लगी हैं, जहां दिखावे की होड़ में करोड़ों रुपये बहा दिए जाते हैं। उमा भारती ने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि तुम्हारी तो वैसे ही इज्जत है, फिर इतना दिखावा किसलिए? कम खर्च कर समाज में एक आदर्श उदाहरण पेश करना चाहिए।
उमा भारती ने कहा कि कई नेता और बड़े उद्योगपति तो नाचने और गाने वालों को विदेश से बुलाकर करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका से कलाकार बुलाकर बीस-बीस करोड़ की पेमेंट करने की बजाय वही पैसा 20 हजार गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में लगाया जाता, तो उनकी दुआएं और यश कहीं ज्यादा मिलता।
उन्होंने इसे लक्ष्मी का अपमान और धन का भद्दा प्रदर्शन बताया। उमा ने कहा कि जिन उद्योगपतियों ने शाही शादियों पर इतना अपव्यय किया है, वे उनके निमंत्रण तक को स्वीकार नहीं करतीं। उन्होंने साफ कहा—मैंने ऐसे आयोजनों का बॉयकॉट कर रखा है, उनका न्योता मेरे घर के बाहर ही रखवा दो।
अंत में उमा भारती ने उर्दू का एक शेर पढ़कर अपनी बात खत्म की—
“एक शहंशाह ने बनाकर एक ताजमहल,
गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक।”

