बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में एक बार फिर सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जहां लोगों की जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है, पुष्पक बस स्टैंड से चलने वाली बसों में हालात इतने खराब हैं कि अनफिट और बगैर परमिट की बसें सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं और जिम्मेदार विभाग सिर्फ चालानी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहा है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो आखिर उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यातायात विभाग या परिवहन विभाग
जिले में बस संचालकों की मनमानी अब चरम पर पहुंच चुकी है, नियमों को ठेंगा दिखाते हुए ये बसें रोजाना सड़कों पर उतर रही हैं और हजारों यात्रियों की जिंदगी को खतरे में डाल रही हैं, पुष्पक बस स्टैंड से हर दिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं लेकिन उनकी सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है
बुरहानपुर से नेपानगर, फोपनार, चिल्लारा, शाहपुर और इच्छापुर जैसे ग्रामीण रूटों पर ये खतरनाक बसें खुलेआम दौड़ रही हैं, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चालान काटे जाते हैं लेकिन इन बसों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा, हर बार किसी हादसे के बाद कुछ दिन के लिए सख्ती दिखाई जाती है और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है
इन लापरवाहियों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, हर दिन लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं, वहीं यातायात विभाग का दावा है कि समय-समय पर कार्रवाई की जाती है लेकिन जब आरटीओ विभाग में ही जिम्मेदार अधिकारियों की कमी है तो सवाल उठना लाजमी है कि संयुक्त कार्रवाई आखिर कैसे हो रही है, यातायात सूबेदार राजेश बारवाल का कहना है कि वे लगातार चालानी कार्रवाई करते हैं और आरटीओ के साथ मिलकर भी कदम उठाए जाते हैं
दूसरी तरफ जिले का आरटीओ विभाग खुद प्रभारी के भरोसे चल रहा है, जिम्मेदार अधिकारियों की कमी साफ नजर आ रही है, सड़क सुरक्षा सप्ताह जैसे अभियानों के दौरान भी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं, अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब जागता है और क्या कलेक्टर और एसपी कोई सख्त कदम उठाते हैं या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही सिस्टम की नींद टूटेगी, फिलहाल प्रभारी आरटीओ दीपक मांझी का कहना है कि जांच कर ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियम तोड़ने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा

