खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में बुधवार को नगर निगम के विशेष सम्मेलन में उस वक्त सबकी नज़रें ठहर गईं, जब विपक्षी पार्षदों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। जेसीबी पर बैठकर पहुंचे पार्षदों ने नगर निगम के गेट पर ज़बरदस्त नारेबाज़ी की — “विकास चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारों से माहौल गर्मा गया।
हाथों में पोस्टर और तख्तियां थामे कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी और सत्तापक्ष साधारण सम्मेलन बुलाने से बच रहे हैं। विपक्ष के नेता दीपक राठौर ने कहा कि जब 18 पार्षदों ने मुद्दा उठाया, तभी मजबूर होकर विशेष सम्मेलन बुलाया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा — “ये लोग जेसीबी के फावड़े से भ्रष्टाचार कर रहे हैं, जबकि शहर में विकास नाम की कोई चीज़ नहीं है।”
विपक्ष का कहना है कि वे छह अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए सम्मेलन में पहुंचे हैं, ताकि खंडवा में वास्तविक विकास हो सके।
वहीं, विपक्ष के इस विरोध पर महापौर अमृता यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कभी ये बैलगाड़ी पर आते हैं, कभी जेसीबी पर — लेकिन इन्हें शहर के विकास से कोई मतलब नहीं। ये सिर्फ ड्रामा करते हैं, सहयोग नहीं।”
महापौर ने बताया कि आज का सम्मेलन पूरी तरह शहर के विकास को समर्पित है। परिषद में सोलर पावर प्लांट के प्रस्ताव से लेकर निगम की नई बिल्डिंग और पुराने भवन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है।
उन्होंने कहा — “खंडवा को आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन कुछ लोग विकास कार्यों में अड़ंगा डालने की राजनीति कर रहे हैं।”
यानि आज खंडवा का नगर निगम बना राजनीतिक प्रदर्शन का मंच — जहां एक तरफ “विकास चोर” के नारे गूंजे, तो दूसरी तरफ “विकास की बात” करने वाले अपने एजेंडे पर अड़े नज़र आए।

