खंडवा। शहर में सेंट्रल रेलवे द्वारा रेल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मंदिर के पास पहुंची टीम को विरोध का सामना करना पड़ा और हंगामे के बाद अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।
दरअसल बुद्ध नगर कॉलोनी में 140 अतिक्रमण हटाए गए, वहीं सूरजकुंड क्षेत्र में भी 10 से ज्यादा अवैध कब्जों पर कार्रवाई की गई, लेकिन शिव-पार्वती मंदिर के पास पहुंचते ही मामला गर्मा गया।
मौके पर पहुंचे हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना और बातचीत के इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है, जिसके चलते करीब एक घंटे तक जमकर बहस और हंगामा होता रहा।
स्थिति को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल मंदिर के पास कार्रवाई रोक दी और वहां से लौट गए, साथ ही आश्वासन दिया कि आगे की कार्रवाई आपसी सहमति और नियमों के तहत ही की जाएगी।
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि प्रशासन को सभी मामलों में समान और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए और पहले संवाद स्थापित करना जरूरी है।
बताया जा रहा है कि खंडवा-भुसावल के बीच 131 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण के लिए यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में रेलवे परियोजनाओं को गति मिल सके।

