भोपाल। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया के सामने अपने दो साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने भोपाल और इंदौर सहित अन्य शहरों के लंबे समय से अटके मास्टर प्लान को लेकर बड़ा बयान दिया। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर और भोपाल का मास्टर प्लान पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसे मुख्य सचिव देख चुके हैं और इसे जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।
विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 600 नई बसें लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्लम फ्री शहर बनाने की दिशा में लगातार काम चल रहा है और भोपाल व इंदौर में ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी बेहतर किया जाएगा।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि विभाग में इस्तेमाल होने वाली सभी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले तीन से चार सालों में नगरीय निकायों की सभी गाड़ियां ई-व्हीकल में बदल दी जाएंगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कैलाश विजयवर्गीय ने फायर सर्विस को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फायर से जुड़ा एक अलग विभाग बनाया जा रहा है, जिसमें फायर पुलिस की जगह नगरीय प्रशासन विभाग की अलग इकाई काम करेगी।
इसके साथ ही मंत्री ने नर्मदा संरक्षण को लेकर बड़ा भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर यह सुनिश्चित कर लिया जाएगा कि किसी भी पंचायत या नगरीय निकाय का गंदा पानी मां नर्मदा में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण और आस्था दोनों की पूरी तरह से रक्षा की जाए।

