लखनऊ। देश का सबसे अधिक आबादी वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश आज 76 वर्ष का हो गया है और 24 जनवरी के अवसर पर पूरे प्रदेश में स्थापना दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के 76वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
इस अवसर पर लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर आधारित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस 2026 का भव्य शुभारंभ किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को मेरी शुभकामनाएं, गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति की यह धरती भारत की विकास यात्रा की मजबूत आधारशिला रही है और मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और विरासत को समृद्ध करने वाले उत्तर प्रदेश के सभी परिवारजनों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई, डबल इंजन सरकार और जनभागीदारी से प्रदेश ने बीते वर्षों में बीमारू राज्य से बेमिसाल प्रदेश बनने का सफर तय किया है और देश की प्रगति में उत्तर प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश को गंगा-यमुना की पावन धरती बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की अमूल्य विरासत से सिंचित यह भूमि हमेशा से राष्ट्र को संस्कृति, साधना, शक्ति और संकल्प का मार्ग दिखाती रही है और आज डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश विकास और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 1902 में नॉर्थ वेस्ट प्रोविन्स का नाम बदलकर यूनाइटेड प्रोविन्स ऑफ आगरा एंड अवध किया गया, जिसे आम बोलचाल में यूपी कहा जाने लगा।
वर्ष 1920 में प्रदेश की राजधानी प्रयागराज से लखनऊ स्थानांतरित की गई, जबकि उच्च न्यायालय प्रयागराज में ही बना रहा और लखनऊ में उसकी एक पीठ स्थापित की गई।
24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया, जिसके बाद से हर साल उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाने लगा।
मई 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से हर वर्ष 24 जनवरी को यूपी दिवस मनाने की घोषणा की थी, जिसका प्रस्ताव तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक द्वारा दिया गया था।

