पटना। मधेपुरा की राजनीति रविवार देर शाम अचानक गरमा गई, जब नवनिर्वाचित राजद विधायक चंद्रशेखर द्वारा एक मजदूर को थप्पड़ मारने की घटना सामने आई। विधायक अपने क्षेत्र में चल रहे सड़क और नाले के निर्माण काम का निरीक्षण करने पहुंचे थे, और उनके समर्थक लगातार सामग्री को घटिया बताते हुए शोर मचा रहे थे। ठेकेदार मौजूद नहीं था, जिससे स्थिति में तनाव बढ़ गया। इसी बीच निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर घबरा कर इधर-उधर हटने लगे, लेकिन राजद कार्यकर्ताओं ने एक मजदूर को पकड़कर सीधे विधायक के सामने खड़ा कर दिया। और फिर वही हुआ जिसने पूरे शहर में आग लगा दी—विधायक चंद्रशेखर ने मजदूर के गाल पर कई बार जोरदार थप्पड़ मार दिए। मजदूर खामोश खड़ा रहा, उसकी आंखों में डर और बेबसी साफ दिखाई दे रही थी।
घटना के तुरंत बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया। ठेकेदार ने साफ कहा कि किसी जनप्रतिनिधि का इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है और वह मामले को विभाग तक लेकर जाएगा। दूसरी ओर, पुलिस फिलहाल चुप है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। शहरभर में चर्चा यही है कि सवाल ठेकेदार से पूछा जाना चाहिए था, मजदूर से नहीं। एक बुजुर्ग राहगीर की बात लोगों के दिल को छू गई—“गरीब तो मेहनत करने आता है, गलती उसकी क्यों? थप्पड़ सिर्फ उसके चेहरे पर नहीं… उसके सम्मान पर भी पड़ा है।”
यह घटना अब सिर्फ ठेकेदार या मजदूर का मामला नहीं—यह सत्ता के अहंकार और आम आदमी की लाचारी का टकराव बन चुकी है, और मधेपुरा की गलियों में उसी की गूंज सुनाई दे रही है।

