उज्जैन। गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन के रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर विक्रमोत्सव 2026 के तहत ‘सृष्टि आरम्भ उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया, जहां आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद पार्श्व गायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से माहौल को भक्तिमय बना दिया और हजारों श्रद्धालु उनकी प्रस्तुति में झूमते नजर आए।
देर शाम शिप्रा नदी के तट पर भव्य ड्रोन शो, लेजर शो और आकर्षक आतिशबाजी ने आसमान को रंगों और रोशनी से भर दिया, ड्रोन के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक झलकियों का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग रामघाट पर उमड़ पड़े और नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह नगरी अनादिकाल से आस्था का केंद्र रही है और यहां आने वाला हर व्यक्ति एक अलग आध्यात्मिक अनुभव लेकर लौटता है।
उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि विक्रमोत्सव उसी विरासत को जीवंत रखने का प्रयास है, साथ ही यह भी कहा कि जहां दुनिया ड्रोन तकनीक का उपयोग युद्ध में कर रही है, वहीं उज्जैन में इसे आस्था और संस्कृति के प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर भी बड़ा बयान दिया और कहा कि इस बार का आयोजन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व होगा, शहर के मार्गों का विस्तार किया जा रहा है, शिप्रा तट पर नए घाट विकसित किए जा रहे हैं और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट व हेलीकॉप्टर सेवाओं की भी योजना तैयार की जा रही है।
इस भव्य आयोजन के दौरान विभिन्न पंचांगों और धार्मिक ग्रंथों का विमोचन भी किया गया और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

