रेलवे लाइन विस्तार परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने जोरदार लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और जमीन अधिग्रहण के खिलाफ उचित मुआवजा व सही सीमांकन की मांग उठाई। यह प्रदर्शन उस दौरान किया गया जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि दो नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा दिया गया है और न ही जमीन का सही तरीके से सीमांकन किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जो मार्किंग की गई थी और अब जो नया सीमांकन किया जा रहा है, उसमें बड़ा अंतर है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले रेलवे ने अस्थायी सीमांकन किया था, लेकिन अब नए सीमांकन में उनके मकान और अतिरिक्त जमीन भी परियोजना की जद में आ रहे हैं। कई परिवारों के घरों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि रेलवे और ग्रामीणों की जमीन का निष्पक्ष और स्पष्ट सीमांकन कराया जाए। उनकी मांग है कि रेलवे अपनी जरूरत की जमीन ले, लेकिन ग्रामीणों को उनकी वैध जमीन वापस मिले। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

