भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भोपाल में आयोजित मीना समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की और फिजूलखर्च को लेकर बड़ा संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने खुद के परिवार का उदाहरण देकर दी सीख
सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि तेरहवीं क्यों करना, जो चला गया उसके प्रति अनावश्यक खर्च क्या करना, उन्होंने अपने माता-पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके निधन के बाद भी उन्होंने कोई दिखावा नहीं किया और सिर्फ ब्राह्मण भोज कराया।
भगवान ने सबसे पहले मीना समाज का किया चयन
मीना समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विष्णु के अवतारों में सबसे पहला अवतार भगवान मीनेंश का है और भगवान ने सबसे पहले मीना समाज का चयन किया, यह समाज मेहनत और परिश्रम से आगे बढ़ने वाला समाज है, जिसमें निराशा के लिए कोई जगह नहीं है।
मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
इस दौरान म.प्र. मीना समाज सेवा संगठन की ओर से आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 16 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
बेटे की शादी का जिक्र कर दिया सादगी का संदेश
सीएम ने अपने बेटे की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने विवाह में कोई फिजूल खर्च नहीं किया और सामूहिक विवाह के माध्यम से अपने बेटे की शादी कराई, ताकि समाज में सादगी और समानता का संदेश जाए।
हर परिस्थिति में मुस्कुराने की दी सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग के फन पर भी मुस्कुराकर संदेश दिया कि हालात चाहे जैसे हों, इंसान को हमेशा मुस्कुराते रहना चाहिए।
मीना समाज के लिए सरकार सबसे आगे
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक गरीब परिवार से निकलकर प्रधानमंत्री बने, नदी जोड़ो अभियान प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से शुरू हुआ है, सरकार पशुपालन और डेयरी को बढ़ावा देकर किसानों और समाज की आय बढ़ाने के लिए काम कर रही है और मीना समाज के हित में सरकार हमेशा सबसे आगे खड़ी रहेगी।

