सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों का व्यापक सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसमें शाकाहारी और मांसाहारी जीवों की संख्या और गतिविधियों का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वे रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में चल रहा है, जहां 124 बीट में करीब 250 कर्मचारी और 11 वालंटियर सुबह 6 बजे से 9 बजे तक लगातार काम कर रहे हैं।
आदिवासी बाहुल्य सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में अखिल भारतीय बाघ आकलन 2026 के तहत करीब चार साल बाद यह बड़ा सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान वन विभाग की कई टीमें मांसाहारी, शाकाहारी और अन्य वन्य जीवों की स्थिति का गहन अध्ययन कर रही हैं। सर्वे में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य राज्यों से आए प्रशिक्षित कर्मचारी भी शामिल हैं।
संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि फिलहाल मांसाहारी वन्य प्राणियों का सर्वे पूरा किया जा चुका है और अब शाकाहारी एवं अन्य जीवों का आकलन किया जाना है। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान एक बेहद सकारात्मक संकेत सामने आया है, जहां रिजर्व के वे इलाके, जिनमें पहले कभी बाघों के पैरों के निशान नहीं मिलते थे, अब वहां भी टाइगर की मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह संकेत रिजर्व में अनुकूल पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की सफलता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में सभी प्रजातियों का सर्वे पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो संजय टाइगर रिजर्व के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

