मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले के मवई विकासखंड के ग्राम घुटास की 14 वर्षीय ऋतिका यादव जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। फेफड़ों की गंभीर बीमारी सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीड़ित ऋतिका कटरा हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती थी। उसकी हर सांस मशीनों के सहारे चल रही थी और परिवार की उम्मीदें समाज और प्रशासन की मदद पर टिकी हुई थीं।
ऋतिका की हालत बेहद नाजुक देखते हुए क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह पट्टा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस विषय में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और ऋतिका को जबलपुर से एयर एंबुलेंस के जरिए चंडीगढ़ के लिए रवाना किया गया, जहां उसका इलाज जारी रहेगा। डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया है।
ऋतिका की कहानी संघर्ष से भरी है। पिता के साए के बिना पली इस बेटी की मां तारेश यादव पिछले छह वर्षों से इलाज के लिए दर-दर भटक रही हैं। दिसंबर 2025 में ऋतिका का इलाज एम्स नागपुर में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती करना पड़ा। वहां भी सुधार नहीं हुआ और 26 जनवरी को गंभीर स्थिति में उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर कटरा हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। चंडीगढ़ तक ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ एयर एंबुलेंस की व्यवस्था बेहद महंगी थी और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। आयुष्मान योजना का पूरा लाभ दूसरे राज्य में नहीं मिल पाने से मुश्किलें और बढ़ गईं।
ऐसे में जनप्रतिनिधियों की पहल और मुख्यमंत्री के निर्देश से प्रशासन ने सहयोग किया और आखिरकार मंडला की इस बेटी को नई उम्मीद के साथ चंडीगढ़ भेजा गया। विधायक नारायण सिंह पट्टा ने विधानसभा सत्र से समय निकालकर मुख्यमंत्री से चर्चा की और सोशल मीडिया के माध्यम से भी बच्ची की गंभीर स्थिति साझा की। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता बच्ची का जीवन बचाना है और मुख्यमंत्री ने तुरंत एयर एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
अब पूरे क्षेत्र की दुआ है कि ऋतिका जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटे और यह जंग जीतकर एक नई जिंदगी की शुरुआत करे।

