भोपाल। मध्य प्रदेश की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने उनके भोपाल स्थित आवास पहुंचीं और सरकार के एक फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। महिलाओं का कहना है कि पोषण आहार का काम, जो अब तक महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत स्व सहायता समूहों को दिया गया था, उसे वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपे जाने की तैयारी है और एक अप्रैल से नई व्यवस्था लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
महिलाओं ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए सवाल उठाया कि जब यह काम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से दिया गया था, तो अब इसे वापस क्यों लिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि यह फैसला लागू होता है तो हजारों महिलाओं की आय पर सीधा असर पड़ेगा और कई परिवार आर्थिक संकट में आ जाएंगे, जिससे उनकी माली हालत खराब हो सकती है।
इस मुद्दे को लेकर इससे पहले उमंग सिंघार ने भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि महिला स्व सहायता समूहों को लखपति बनाने का सपना दिखाया गया, लेकिन अब उनसे करोड़ों रुपये का काम वापस लिया जा रहा है और इसे प्रभावशाली लोगों को सौंपने की तैयारी है। उनका कहना था कि यदि यह निर्णय लागू हुआ तो स्व सहायता समूहों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा झटका साबित होगा।

