इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के उद्घाटन अवसर पर शुक्रवार को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमकेश्वर पहुंचे। कार्यक्रम से पहले दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि व जनकल्याण की कामना की। इसके बाद दोनों नेताओं ने इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नए भवन का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है और शिक्षा केवल डिग्री या रोजगार का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है। उन्होंने बताया कि बीते चार वर्षों में उत्तराखण्ड सरकार ने 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए हैं और सरकार शिक्षा के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और नवाचार के जरिए समावेशी विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि आज वे सुरक्षा, सुशासन और विकास के संबंध में पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है कि योगी आदित्यनाथ ने यहीं से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ताओं में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन का भी केंद्र बननी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें व्यवहारिक और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है और इस दिशा में उत्तराखण्ड सरकार सराहनीय कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिस तरह भवन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया है, उसी तरह शिक्षण की गुणवत्ता भी उच्चस्तरीय होनी चाहिए ताकि छात्र-छात्राएं बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें। इस अवसर पर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी को शुभकामनाएं दीं और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालय के प्रांतीयकरण की मांग पर कार्यवाही का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।

