लखनऊ। उत्तर प्रदेश का बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखा है, जिसे ‘योगी की पाती’ कहा जा रहा है। उन्होंने 9.12 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को नवाचार और नवनिर्माण का ऐतिहासिक बजट बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों की यात्रा प्रगति-पथ पर सतत गतिशील रही है और इस दौरान प्रदेश ने उद्यमशीलता, नवाचार और मजबूत अवसंरचना की सशक्त आधारशिला रखी है। यह बजट उसी नींव पर अत्याधुनिक तकनीक के साथ सफल भविष्य का निर्माण करेगा।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि यह बजट प्रदेश की नई आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बनेगा। एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा और रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एआई मिशन, एआई डेटा लैब, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की जाएगी, जिससे प्रदेश को डीप टेक और अत्याधुनिक तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में काम होगा। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना के तहत 25 लाख युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई, ओडीओपी और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देकर उत्तर प्रदेश निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेंगे। मंडल मुख्यालय वाले प्रत्येक जनपद में स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की योजना है, जिससे 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को निखारा जा सके। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना और श्रमजीवी महिला छात्रावास की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में बिना कोई नया कर लगाए विकास की गति को बनाए रखना कुशल वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह दूरदर्शी बजट युवा, महिला, किसान और गरीब की आकांक्षाओं को साकार करेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उभरती तकनीकों को अपनाते हुए उद्यमशीलता की ओर बढ़ें और प्रदेश के नवनिर्माण में सहभागी बनें, ताकि ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सके।

