दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। हाल ही में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.के. वर्मा ने उनाव और पराशरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था, जहां पराशरी PHC की CHO डॉ. नेहा श्रीवास्तव निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाई गईं। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में सामने आया कि वे पिछले चार दिनों से ड्यूटी पर नहीं थीं, जिस पर CMHO ने नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। CHO डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने CMHO डॉ. वी.के. वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. नेहा का कहना है कि CMHO उन्हें बेवजह मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं, आए दिन फोन कर अन्य डॉक्टरों से उनकी गतिविधियों की जानकारी लेते हैं और उनकी जासूसी करवाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के समय उनकी ड्यूटी ग्राम बीकर में लगी हुई थी, जिसका प्रमाण उनके पास लोकेशन और ड्यूटी आदेश के रूप में मौजूद है, इसके बावजूद उनकी तीन दिनों की अनुपस्थिति दर्ज कर ली गई और वेतन में कटौती की जा रही है।
डॉ. नेहा ने आरोप लगाया कि वेतन निकलवाने के बदले उनसे पैसों की मांग की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि CMHO उनसे कहते हैं कि तुम्हें देखकर मेरा दिमाग खराब हो जाता है और उनका व्यवहार लगातार अपमानजनक रहा है। डॉ. नेहा का आरोप है कि अन्य डॉक्टरों से उनके बारे में पूछताछ की जाती है और सोशल मीडिया पर उनका नाम जानबूझकर बदनाम किया गया।
इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब यह बात सामने आई कि कुछ समय पहले CMHO डॉ. वी.के. वर्मा का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर किसी फर्म से जुड़े लेन-देन की बातचीत सुनी गई थी, हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। अब यह मामला स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

