भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित कृषि कल्याण वर्ष को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार दावा करती है कि कृषि को लाभ का धंधा बनाया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए केवल कमियां निकालना हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि किसानों के असली हालात पर चर्चा होना जरूरी है।
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय तक शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने भी कृषि को फायदे का धंधा बनाने का दावा किया था। लेकिन 20 साल की सरकार के बावजूद प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोयाबीन को 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल और धान को 3100 रुपये में खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार ने इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार से 20 साल का नहीं बल्कि केवल पिछले एक साल का हिसाब मांग रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है। पटवारी ने कहा कि अगर उनके आरोप गलत हैं तो सरकार उनके खिलाफ मानहानि का दावा कर सकती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के कृषि विभाग में भारी कमी है। करीब 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, जबकि सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। पटवारी के मुताबिक कृषि बजट की लगभग 40 प्रतिशत राशि खर्च ही नहीं की गई है और वर्ष 2025-26 की स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से प्रदेश को लगभग 24 हजार करोड़ रुपये मिलना था, लेकिन अब तक करीब 9 हजार करोड़ रुपये ही दिए गए हैं।
अंत में जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले सात दिनों तक कांग्रेस अलग-अलग विभागों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और जनता के सामने सरकार की वास्तविक स्थिति और विभागों की हकीकत उजागर करेगी।

