LAC देशों के बीच चमका मध्यप्रदेश: CM डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया न्योता, बोले- हमारी परंपराएं और संस्कार हैं एक जैसे

भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के लिए 6 जून का दिन व्यापार और निवेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इंदौर में आयोजित ‘इंडिया-लैटिन अमेरिका एंड कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026’ में प्रदेश ने खुद को वैश्विक निवेश के मजबूत केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश की 50 से अधिक कंपनियों की सीधी व्यापारिक और निवेश संबंधी बैठकें हुईं, जिनसे नए अवसरों के द्वार खुलते नजर आए। कार्यक्रम में 15 देशों के प्रतिनिधियों सहित 350 से अधिक निवेशक, उद्योगपति और अधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा का अहम केंद्र बन चुका है। उन्होंने इंदौर को प्रदेश की आर्थिक राजधानी बताते हुए कहा कि यह शहर केवल व्यापार और उद्योग का ही नहीं, बल्कि नवाचार और निवेश का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि मालवा की धरती सदियों से व्यापार और समृद्धि का केंद्र रही है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में सिल्क रूट के माध्यम से मालवा का दुनिया के कई देशों से व्यापारिक संबंध था। आज भी वही परंपरा नए रूप में आगे बढ़ रही है।

डॉ. मोहन यादव ने भारत और लैटिन अमेरिका के बीच सांस्कृतिक समानताओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद दोनों क्षेत्रों के जीवन मूल्य, परंपराएं, उत्सव, संगीत और जनजातीय संस्कृति में गहरी समानता दिखाई देती है। यही समानताएं भविष्य में मजबूत आर्थिक साझेदारी की आधारशिला बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है, जो मध्यप्रदेश पर उनके बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने ग्वाटेमाला के साथ कृषि और फूड प्रोसेसिंग, पेरू के साथ इंजीनियरिंग उपकरणों और अन्य देशों के साथ विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के साथ मध्यप्रदेश का निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो करीब 19 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। फार्मास्यूटिकल, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र इस वृद्धि के प्रमुख आधार बने हैं।

उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, मजबूत सड़क नेटवर्क, आधुनिक रेल और हवाई कनेक्टिविटी, भरपूर बिजली और पानी जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश में पांच लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क है और आने वाले वर्षों में छह बड़े औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर और पीथमपुर आज वैश्विक स्तर पर फार्मा और औद्योगिक हब के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। प्रदेश में 31 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ग्रीन एनर्जी का है। साथ ही प्रदेश में 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे अनुकूल निवेश गंतव्य बन चुका है। यहां कानून व्यवस्था मजबूत है, उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है और कुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति एक बार मध्यप्रदेश आता है, वह यहां की संस्कृति और आत्मीयता से जुड़ जाता है।

कार्यक्रम में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के संस्थापक जितेंद्र जोशी ने भी मध्यप्रदेश को देश का सबसे डायनामिक निवेश राज्य बताया। वहीं उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेशकों को प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआने अम्ब्रेला ने भी भारत और मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फोरम भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाई देगा।

कुल मिलाकर इंदौर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय मंच केवल व्यापारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा है।

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