मंडला। जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने की वजह से मरीज की जान चली गई। विवाद बढ़ता देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। गुस्साए परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और दूसरे डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए।
बताया जा रहा है कि मंडला निवासी प्रहलाद खरे को शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह सीएलडी यानी क्रॉनिक लिवर डिजीज की बीमारी से पीड़ित था। परिजनों का आरोप है कि रात करीब डेढ़ बजे मरीज को एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही समय बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। सुबह होते-होते मामला और ज्यादा बढ़ गया। परिजन अस्पताल चौकी पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम किसी दूसरे डॉक्टर से कराया जाए, तभी वे शव उठाएंगे। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने की कोशिश कर रही है।
वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी इस मामले में सफाई दी गई है। अस्पताल के आरएमओ हेमेंद्र चौहान का कहना है कि मरीज पहले से ही सीएलडी बीमारी से गंभीर रूप से ग्रस्त था और उसकी हालत को देखते हुए उसे रेफर करने की सलाह दी गई थी। लेकिन किसी कारण से उसे दूसरे अस्पताल नहीं ले जाया गया और बाद में उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी डॉक्टर के साथ अभद्रता की और मारपीट करने की भी कोशिश की। फिलहाल पूरे मामले को लेकर जांच की बात कही जा रही है।

