प्रयागराज कुंभ में जिस विवाद ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं, अब वही मामला हरिद्वार में सुलह की तस्वीर बनकर सामने आया है, जहां कभी ‘रीलबाज’ कहकर निशाना बनाने वाले काली सेना प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने अब हर्षा रिछारिया को आशीर्वाद दिया है और यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, अपने जन्मदिन के मौके पर हर्षा रिछारिया हरिद्वार पहुंचीं और स्वामी आनंद स्वरूप के कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें बधाई दी, इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि उनके मन में स्वामी जी को लेकर कोई नाराजगी नहीं है और वह पुराने विवाद को पीछे छोड़ चुकी हैं।
याद दिला दें कि प्रयागराज कुंभ के दौरान स्वामी आनंद स्वरूप ने हर्षा को ‘रीलबाज’ कहते हुए यह भी कहा था कि सनातन धर्म कोई बॉयफ्रेंड नहीं है, जिस पर काफी विवाद हुआ था और दोनों के बीच बयानबाजी का दौर भी चला था, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
हरिद्वार में हुई इस मुलाकात के बाद ऐसा लगा जैसे दोनों पक्षों ने पुराने मतभेद भुलाकर नई शुरुआत कर ली हो, हालांकि इसी बीच हर्षा रिछारिया के सनातन धर्म छोड़ने और अपने पुराने प्रोफेशन में लौटने के बयान ने संत समाज और सोशल मीडिया पर एक नई बहस को भी जन्म दे दिया है।
वहीं स्वामी आनंद स्वरूप ने भी अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्हें हर्षा के ग्लैमरस जीवन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन साधु-संतों के जीवन में आकर फर्जी वेशभूषा अपनाना ठीक नहीं है, उन्होंने साफ किया कि उनकी नाराजगी किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि उस प्रवृत्ति से है जो धर्म और आस्था के नाम पर दिखावा करती है।

