भोपाल। राजधानी भोपाल में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करके जिला शहरी विकास अभिकरण यानी डूडा के खाते से करीब 2 करोड़ 26 लाख रुपये निकाल लिए गए।
जानकारी के मुताबिक, भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के नकली साइन तैयार कर यह पूरी रकम ट्रांसफर की गई। मामला सामने आने के बाद 17 मार्च को डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे ने खुद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि शातिर आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सरकारी खाते से पैसे निकालकर पांच निजी फर्मों के खातों में भेज दिए। इसी आधार पर क्राइम ब्रांच ने इन पांचों फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस फर्मों के मालिकों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। इस घटना ने सरकारी खातों की सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल साइन सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस करोड़ों के खेल के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और कब तक इस पूरे मामले का खुलासा हो पाता है।

