भोपाल। मध्यप्रदेश में दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद सियासत तेज हो गई है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने सरकार और विधानसभा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अरुण यादव ने सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा की न्याय व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है, क्योंकि पहले के मामलों में सालों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन अब अचानक तेजी दिखाई गई है।
उन्होंने सचिन बिरला और निर्मला सप्रे के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, जबकि राजेंद्र भारती और अन्य मामलों में रातों-रात कार्रवाई कर दी गई।
अरुण यादव ने सवाल उठाया कि क्या अब विधानसभा का कानून न्याय के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ता के इशारों पर चलेगा, और जब कोर्ट ने अपील के लिए समय दिया है तो इतनी जल्दबाजी क्यों की गई।
उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है और पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

