कानपुर. अवैध कफ सिरप तस्करी के बड़े मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है, साफ कर दिया गया है कि अगर आरोपी जल्द गिरफ्तार नहीं होता या सरेंडर नहीं करता तो उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी, वहीं इस मामले में पुलिस ने 25 हजार के इनामिया सीए शिवम अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस कमिश्नरेट अब दुबई में छिपे इस पूरे गिरोह के सरगना को भारत लाने की तैयारी में जुटा है और इसके लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया चल रही है, शुभम जायसवाल के खिलाफ पहले से ही गैर-जमानती वारंट, कुर्की की कार्रवाई और अदालत के आदेश की अवहेलना जैसे कई मामले दर्ज हैं, जिसके बाद कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
मामले की शुरुआत 15 नवंबर 2025 को हुई थी, जब औषधि निरीक्षक ने शुभम जायसवाल, उसके पिता और अन्य लोगों के खिलाफ NDPS एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था, जांच के दौरान पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन मुख्य आरोपी अब तक फरार है।
जांच में सामने आया कि इस अवैध कारोबार से आरोपी ने 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की, हर शीशी पर भारी मुनाफा लिया गया और करीब 2 करोड़ से ज्यादा कफ सिरप की बोतलें बांग्लादेश भेजी गईं, इस पूरे नेटवर्क से करीब 1100 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया।
इस मामले में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने दवा कंपनी को करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया था और एक संगठित सिंडीकेट के जरिए यह धंधा चलाया जा रहा था, जिसमें कई लोग शामिल थे, जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की जांच के बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने भी कार्रवाई करते हुए सीमा पर कफ सिरप की खेप पकड़ी, फिलहाल ईडी और अन्य एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

