ग्वालियर। मध्यप्रदेश की ग्वालियर केंद्रीय जेल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जेल के भीतर रुपयों के लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं और पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि ये आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद जेल के प्रहरी पवन शर्मा ने लगाए हैं और आरोप सीधे सहायक जेल अधीक्षक नीरज यादव पर लगाए गए हैं।
प्रहरी का दावा है कि जेल में बंद कैदियों से पैसे लिए जाते हैं और पैसे न देने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, साथ ही जेल के भीतर कई तरह की अवैध सुविधाएं पैसों के जरिए उपलब्ध कराई जाती हैं।
आरोपों के मुताबिक जेल में बैरक बदलवाने के लिए हजारों रुपये तक वसूले जाते हैं, कैदियों को फोन पर बात कराने के लिए प्रति दो मिनट के हिसाब से पैसे लिए जाते हैं और यहां तक कि प्रतिबंधित सामान भी पैसे लेकर उपलब्ध कराया जाता है।
हालांकि इन गंभीर आरोपों के बीच जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रहरी पवन शर्मा को ही निलंबित कर दिया है और आरोपों को झूठा बताया है।
अब यह मामला सवालों के घेरे में है कि आखिर जेल के भीतर क्या सच है और क्या साजिश, जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।

