आयुष सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार, CM योगी ने दिए बड़े निर्देश

लखनऊ.उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आयुष, योग, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ते हुए रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा किए जाएं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष संस्थानों को सिर्फ इलाज केंद्र तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार सृजन के बड़े केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर और 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर भी जोर दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य और पर्यटन को जोड़कर नई आर्थिक संभावनाएं तैयार करने की बात कही। उनका मानना है कि आयुष आधारित सेवाएं न केवल लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेंगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को पारंपरिक चिकित्सा और प्राकृतिक उपचार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में बिजली व्यवस्था की भी समीक्षा की थी। उन्होंने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सभी उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से संचालित हों और बिजली व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर देते हुए फीडर वाइज मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आम लोगों को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संवाद और पारदर्शिता के जरिए उपभोक्ताओं का विश्वास और मजबूत हो सके।

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