इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पूर्व प्रमुख सचिव Mohammad Suleman को राहत देते हुए कोर्ट ने उनकी दो महीने की जेल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
यह मामला मंदसौर जिले के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़ा हुआ है, जहां पहले हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कर्मचारियों को वर्ष 2004 से 2016 तक नियमित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय में आदेश का पूरा पालन नहीं होने पर मामला अवमानना तक पहुंच गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई थी और पहले चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसके बाद भी आदेश का अधूरा पालन सामने आया, जिसके चलते एकल पीठ ने मोहम्मद सुलेमान को दोषी मानते हुए दो महीने की सजा सुनाई थी।
हालांकि इस फैसले को चुनौती देते हुए सुलेमान ने अपील दायर की, जिसमें उनके पक्ष से यह दलील दी गई कि उन्हें अवमानना की कार्यवाही का नोटिस नहीं मिला था और मूल आदेश को पहले ही उच्च स्तर पर चुनौती दी जा चुकी है, जिस पर स्टे भी मिल चुका है।
इन दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने फिलहाल सजा पर रोक लगा दी है और अब आगे की सुनवाई के बाद ही इस पूरे मामले में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

