जबलपुर। मध्यप्रदेश में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती को लेकर आरक्षण का मुद्दा फिर से गरमा गया है, जहां 100 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने के फैसले को Madhya Pradesh High Court में चुनौती दी गई है।
इस मामले में जबलपुर स्थित हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और पूछा है कि जेंडर के आधार पर ऐसा भेदभाव क्यों किया गया।
दरअसल, यह मामला सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 800 से ज्यादा नर्सिंग ऑफिसर पदों की भर्ती से जुड़ा है, जिसमें सभी पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था, जिसके खिलाफ पुरुष उम्मीदवारों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस फैसले के कारण योग्य पुरुष उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर हो गए हैं, जो समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है।
इस पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस Vishal Mishra की बेंच में हुई, जहां कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं कि अदालत इस विवादित आरक्षण नीति पर क्या फैसला सुनाती है।

