लखनऊ. शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati को फोन और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने के बाद माहौल गरमा गया है, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धमकी मिलने के बाद उनके अनुयायियों में चिंता का माहौल है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और आरोपी का पता लगाने की कोशिश जारी है।
बताया जा रहा है कि समर्थक वाराणसी के भेलुपुर थाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज करने में टालमटोल की।
समर्थकों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो वे थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, पहली धमकी 1 अप्रैल को मैसेज के जरिए दी गई थी, जिसमें गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई थी, इसके बाद 6 अप्रैल को फिर से वाइस नोट भेजकर धमकी दोहराई गई।
इस बीच शंकराचार्य के वकील भी इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गए हैं, जिससे मामला और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर अब सभी की नजर बनी हुई है।

