इंदौर। मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री Usha Thakur ने ‘वंदे मातरम’ विवाद, धर्मांतरण और समान नागरिक संहिता को लेकर तीखा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस देश में रहने वालों को ‘वंदे मातरम’ कहना होगा और जो ऐसा नहीं करता, उसे देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए, साथ ही इसे राष्ट्र सम्मान से जोड़ते हुए उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उषा ठाकुर ने कहा कि कुछ ताकतें देश में धर्मांतरण के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं और इसे राष्ट्र के लिए गंभीर खतरा बताया, उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे संगठित और सुनियोजित प्रयास चल रहे हैं।
कुंभ और कथित ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में युवाओं को बहकाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है और इसे रोकना जरूरी है।
वहीं समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह कानून देश में बहुत पहले लागू हो जाना चाहिए था और अब इसे लागू करना जरूरी है, उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए यह अहम कदम है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ऐसे फैसलों से पीछे हटने वाली नहीं है और विरोध के बावजूद समान नागरिक संहिता लागू होकर रहेगी, जिससे आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

