संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में भोजपुरी गानों पर नृत्य करते हुए कुछ कलाकार नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर सामाजिक संगठनों और अम्बेडकर विचारधारा से जुड़े लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
लोगों का कहना है कि बाबा साहब की जयंती जैसे सम्मानित अवसर पर इस तरह के कार्यक्रम करना उनके आदर्शों के खिलाफ है और इसे अपमानजनक बताया जा रहा है। इस मुद्दे ने धीरे-धीरे तूल पकड़ लिया और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
वहीं इस पूरे विवाद पर पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने सफाई देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका कहना है कि असली गाना कुछ और था, लेकिन वीडियो को एडिट कर उसे तोड़-मरोड़कर वायरल किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में नृत्य करने वाले कोई पेशेवर कलाकार नहीं थे, बल्कि आसपास के गांवों के बच्चे थे, जो जयंती के मौके पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर वीडियो को गलत तरीके से फैलाकर सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और इस मामले में मानहानि का केस दर्ज कराया जाएगा।
दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों का कहना है कि बाबा साहब की जयंती शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है और ऐसे आयोजनों में मर्यादा और उनके आदर्शों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

