भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत अब पार्टी असंतुष्ट नेताओं और भीतरघात करने वालों की पूरी कुंडली तैयार करेगी। इसके लिए विधानसभा प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें अपनी रिपोर्ट में यह बताना होगा कि कौन नेता या कार्यकर्ता क्यों नाराज है, उसकी असंतुष्टि के कारण क्या हैं और वह किस नेता से जुड़ा हुआ है।
पार्टी का उद्देश्य समय रहते ऐसे नेताओं की पहचान करना है, जो चुनाव के दौरान संगठन के खिलाफ काम कर सकते हैं, ताकि उनके प्रभाव को रोका जा सके। इसके साथ ही प्रभारियों को समर्पित कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने, सामाजिक और जातीय समीकरणों को समझने और प्रभावशाली लोगों व सामाजिक संगठनों से जुड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कांग्रेस की बैठक में साफ संदेश दिया गया है कि अब संगठन में वही टिकेगा जो जमीन पर काम करेगा। नेताओं से कहा गया है कि वे अपनी-अपनी विधानसभा में सक्रिय रहें और नियमित प्रवास करें।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ताओं को ही बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी, जबकि सिर्फ नाम के पदधारियों की अहमियत कम की जाएगी, जिससे संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके।

